टैग पुरालेख: समीक्षा

फिल्म समीक्षा: फैंड्री (फँड्री – मराठी)

मुख्य भूमिका: सोमनाथ अवघडे, राजेश्वरी खरात, सूरज पवार, किशोर कदम, छाया कदम, नागराज मंजुळे कथा एवँ निर्देशन: नागरज मंजुळे आपने फैंड्री का प्रतिनिधि गीत और उसके पोस्टर देखे हैं। नायक और नायिका की तस्वीर देखकर आपने अनुमान लगा लिया है कि यह किशोरवय के प्रेम पर आधारित फिल्म है। फिल्म की चर्चाएँ पढ़-सुनकर आप यह […]

फिल्म समीक्षा: हंसी तो फंसी

फिल्म समीक्षा: हंसी तो फंसी मुख्य भूमिका: परिणिति चोपड़ा, सिद्धार्थ मल्होत्रा, शरत सक्सेना, मनोज जोशी, अदा शर्मा, नीना कुलकर्णी। निर्देशन: विनी मैथ्यू कथा: हर्षवर्धन कुलकर्णी यह उन फिल्मों में से एक है जो अपने ट्रेलर से कहीं ज्यादा अच्छी निकल आती हैं। कथानक साधारण है। नायक या नायिका को किसी से प्रेम होता है और […]

पुस्तक समीक्षा – दीवार में एक खिड़की रहती थी (विनोद कुमार शुक्ल)

संपन्नता और विपन्नता के समाज में कुछ सर्वमान्य पैमाने होते हैं। संपन्न्ता या विपन्नता के अपने-अपने स्तरों पर हम किसी की अपेक्षा संपन्न और किसी की अपेक्षा विपन्न होते हैं। यह तुलना हर स्तर पर होती है कि कौन संपन्न है और कौन विपन्न। साहित्य और समाज में प्रायः संपन्न्ता की अपेक्षा विपन्न्ता केंद्र में […]

निर्धनता को शापित एक समाज की समृद्धि का अभिलेख – बूढ़ी डायरी

भारत क्या है? इस प्रश्न पर विवादों का कोई अंत नहीं है। एक वर्ग है जो भारत को यूरोप की तरह अनेक संस्कृतियों का एक बेमेल समुच्च्य मानता है। उनके मत से यदि अंग्रेजों ने इस देश पर राज न किया होता तो यह देश, एक राष्ट्र न होकर पाँच-छः सौ  बिखरी हुई रियासतें होता। […]