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भैंस के आगे बीन [कविता]

भैंस के आगे बीन: प्रधानमंत्री हे! हे भारत की सत्ता के सर्वोच्च सिंहासन पर आसीन रीढ़ विहीन! छोड़ दो! पद त्याग दो! तुम्हारे नहीं! हम हैं अपने देश के सर्वोच्च आसन के सम्मान की चिंता में लीन! वो जिसे अंग्रेजी में कहते हैं कीन! मानव ही हो या यंत्र हो या हो तुम कोइ भैंस? […]

महामहिम पर महानाटक: देस मेरा रंगरेज ऐ बाबू

कहते हैं कि भारत एक उत्सव प्रिय देश है। उत्सव मनाने के अनेक तरीके हो सकते हैं। नाटक खेलना भी उत्सव मनाने का एक अच्छा तरीका है। लेकिन पिछले कुछ सालों से ऐसा लगता है कि हम उत्सव प्रिय देश से नाटक प्रिय देश में बदल गये हैं। नाटक यूँ तो मंच पर खेले जाते […]