टैग पुरालेख: फूल

दुनिया गोल है

 दुनिया गोल है एक रोज़ जब लेटा था हर रोज़ की तरह बगीचे में हवा का झोंका उड़ा लाया मेरे पास पास ही के पेड़ के एक फ़ूल को फ़ूल को मैंने देखा था, पहले भी उस बगीचे में सबसे सुंदर था जो पर नहीं मालूम था पहले कि सुगंध भी है उसमें सुगंध जिससे […]