टैग पुरालेख: ए.पी.जी. अब्दुल कलाम

महामहिम पर महानाटक: देस मेरा रंगरेज ऐ बाबू

कहते हैं कि भारत एक उत्सव प्रिय देश है। उत्सव मनाने के अनेक तरीके हो सकते हैं। नाटक खेलना भी उत्सव मनाने का एक अच्छा तरीका है। लेकिन पिछले कुछ सालों से ऐसा लगता है कि हम उत्सव प्रिय देश से नाटक प्रिय देश में बदल गये हैं। नाटक यूँ तो मंच पर खेले जाते […]