श्रेणी सामयिक (Current Issues)

जाति बनाम हिंदुत्व, गुजरात के संदर्भ में

“हिंदुत्व की प्रयोगशाला” समझे गए गुजरात में जाति एक बार फ़िर धार्मिक पहचान पर हावी है। संघ के प्रयोगों के नतीजे जो सही लग रहे थे अब गलत साबित हो रहे हैं। संघ परिवार का सबसे बड़ा एजेंडा है गैर ईसाइयों और गैर मुसलमानों के अलावा बाकी सबको हिन्दू पहचान के अंतर्गत एकजुट रखना। यदि […]

नहीं है कोई टाइम मशीन

इंग्लैण्ड पर अनेक हमले हुए। अनेकों ने बाहर से आकर उस पर शासन किया। इंग्लैण्ड के केल्टिक निवासी पुरानी इंग्लिश बोलते थे जो अलग-अलग कबीलों में अलग-अलग रूपों में थी। उन पर डचों का हमला हुआ, वाइकिंग्स ने राज किया, रोमन साम्राज्य का राज सदियों रहा, फ़्रांस के नॉर्मन योद्धा विलियम द कॉन्करर ने राज […]

लियू शियाओबो (Liu Xiaobo)

“वह मर गया, लेकिन उसके नाम पर फ़िल्मी रोना-धोना शुरू हो गया है। हम बैठकर इसका मज़ा लेंगे।” – चीनी अख़बार ग्लोबल टाइम्स, एक ट्वीट में जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। “The person’s gone but a blockbuster tear-jerker is just on — we’ll sit back and enjoy the show.” – Global Times लियू […]

प्लेटफार्म नम्बर एक का देशद्रोह से संबंध

मुम्बई से पुणे यात्रा के लिए जून १९३० को शुरू हुई थी एक ट्रेन – डेक्कन क्वीन (दक्खन की रानी, या दक्खन ची राणी). इसे तब के मुम्बई के रईस अंग्रेज़ों के लिए शुरू किया गया था ताकि वे सप्ताहांत में पुणे आकर रेसकोर्स में घोड़ों की रेस का मजा ले सकें. यह भारत की […]

पशु व्यापार पर लगे प्रतिबन्ध व बीफ़ विवाद पर

1.क्या भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में आपसी समझ को “विशुद्ध” (absolute) राजनीतिक अधिकारों से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए? 2. सच तो यह है कि सदियों से यह आपसी समझ मोटे तौर पर बनी हुई थी। 3. इसे ग्रहण प्रतिस्पर्धी चुनावी राजनीति के कारण लगा है। 4. उदहारण के लिए, जितने भी “प्रमुख” रेस्त्रां या […]

भक्त का एक दिन

*भक्त सुबह: “पुरानी बातें छोड़ो, हजारों साल पहले जो हमारे पूर्वजों ने किया उसकी सजा हम क्यों भुगतें? दलित-वलित सब बेकार की बातें हैं।” *भक्त दोपहर: “हजारों साल पहले मुसलामानों ने बाहर से आकर हमला करके इस देश को गुलाम बना दिया। हमें इस देश को फ़िर से हिन्दू राष्ट्र बनाना है।” *भक्त शाम: ” […]

कश्मीर पर

1. मैं कश्मीर में कथित आजादी का या उसके नाम पर एक इस्लामी राज्य स्थापित करने या उसे पाकिस्तान में शामिल करने का विरोधी हूँ। 2. दक्षिण पूर्व एशिया में भारत गणराज्य धर्मनिरपेक्षता की एकमात्र मिसाल है। इसलिए हमें अपने आजू-बाजू एक और पाकिस्तान बनने से रोकना चाहिए। 3. लेकिन हमें अपने भीतर भी एक […]

हिन्दू धर्म में बहुत कुछ है जो संघ-भाजपा छोड़ चुके

संघ और भाजपा जिस तरह का हिन्दू धर्म भारत में थोपना चाहते हैं उसके कुछ ख़ास लक्षण इस प्रकार हैं: १. इसमें वैष्णव धारा से केवल शाकाहारी मूल्यों को लिया गया है। उसमें जो सात्विकता, सत्यवादिता, परहित एवं अहिंसा जैसे मूल्य हैं, उन्हें छोड़ दिया। २. शैव-शाक्त धाराओं से केवल हिंसक भाव लिए हैं। उनमें […]

पूछना है तो यह पूछिए!

आपको फिर से राममंदिर का झुनझुना पकड़ाया गया है. फैसला आपका है, या तो इसे बजाते रहें, ताकि #साहेब कॉर्पोरेट की ड्यूटी आराम से बजाएं, या फिर आप चाहें तो इस झुनझुने को फेंक दें और सवाल पूछते रहें कि: 1. मंदिर छोड़ो और ये बताओ कि स्मार्ट सिटी का क्या हुआ? 2. पेट्रोल के […]

अभाविप को डर लगता है

पहले गन्ना होता था। फिर ये कोई भारत में ही था जिसने उसे चूसकर थूक नहीं दिया, सदियों पहले उसका रस इकट्ठा किया, ये बात आगे बढ़ी तो गुड़ बना, शक्कर बनी। कोई था जिसने सोचने की जुर्रत की। उस समय लोग उसे कहते कि नहीं परंपरा है, गन्ना चूस के फेंक दो, उसका रस […]