श्रेणी सामयिक (Current Issues)

चीन का विश्व में घिरना

चीन घिर रहा है। भारत सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि अपनी ही हरकतों की वजह से। यह जानने के लिए आपको फ़ॉक्स न्यूज़ या इंडिया टीवी देखने की आवश्यकता नहीं। चीनी सरकार का अपना अख़बार ग्लोबल टाइम्स पढ़ लीजिए। इस अख़बार में बाक़ायदा कॉलम बने हैं, जिनमें चीन के साथ हाइफ़न में या तो […]

भारत-चीन तनाव पर

चीन के विषय में चीन से मुकाबला आवश्यक है। उसकी विस्तारवादी नीतियों को वैश्विक तौर पर नकारा जाना चाहिए। श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और अफ्रीका में चीन ने वहाँ की सरकारों को सस्ते उधार देकर फांस रखा है। पाकिस्तान का तो जो है सो हइये है। इस प्रकार चीन ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान को काफ़ी हद […]

प्यारे विश्व, एक ब्रेक लो प्लीज़!

बचपन से सुनता आ रहा हूँ कि पूरा विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। यहाँ तक कि स्वामी विवेकानंद ने भी यही कहा था। यानी करीब 130 सालों से तो यह चल ही रहा है, हर नेता, बाबा, लेखक और विचारक कहता आया है तो बात सत्य ही होगी। इसलिए […]

नारों पर आपत्ति के संदर्भ में

मुसलमान आंदोलन के दौरान केवल “ला इलाह…” कहे तो इसमें आपत्ति क्या है? एक क़ानून बना है जो उनके धर्म को निशाना बनाकर लिखा गया है। भेदभाव का आधार धार्मिक है। तो फिर आंदोलन में धार्मिक नारे लग गए तो बुराई क्या है। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसे नारे लगाकर मुसलमान सार्वजनिक […]

त्वरित न्याय

नहीं। यह खून के प्यासे लोगों का देश और समाज नहीं है। दरअसल यह मूर्खों और अकर्मण्यों का समाज और देश बन गया है। जस्टिस वर्मा की रिपोर्ट थी निर्भया प्रकरण के बाद। उसके कितने सुझावों को लागू किया है? पुलिस का आधुनिकीकरण नहीं किया। अदालतों की सुस्त चाल और व्यवस्था को ठीक नहीं किया। […]

आप मर तो चुके ही थे अब शायद जॉम्बी बन जाएंगे

यहाँ ही नहीं पूरी दुनिया में शिक्षा के निजीकरण का अभियान सा चल रहा है। विश्व व्यापार संगठन यानी WTO चाहता है कि सभी देश शिक्षा के “बाज़ार” में खुलापन लाएँ। दरअसल वे आपके खून की हरेक बूंद चूस लेना चाहते हैं। इतना ही नहीं वे चाहते हैं कि जब आपका खून चूसा जाए तब […]

ट्रेन में परिचारिकाएँ और स्त्री विरोध

किसी ट्रेन में वर्दीधारी लड़कियों की तस्वीरें आ रही हैं। शायद किसी लक्ज़री ट्रेन की परिचारिकाएँ (होस्टेस)हैं। इसको लेकर लोग आपत्ति जता रहे हैं कि संस्कृति का क्षरण हो रहा है, कुछ सेक्सिस्ट जोक्स बना रहे हैं। यह सब सरकार विरोध के नाम पर। मुझे समझ नहीं आता लड़कियाँ यह काम करें इसमें ग़लत क्या […]

जनसंख्या नियंत्रण

जनसंख्या नियंत्रण पर: (संदर्भ – 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री का लाल किले से भाषण) 1. तब जबकि जनसंख्या में वृध्दि (या विस्फोट?) वाकई एक समस्या हो, जनसंख्या नियंत्रण को एक सही नीति माना जा सकता है। 2.जब जनसंख्या नियंत्रण सही नीति हो और देश के लिए आवश्यक हो तब किसी भी समुदाय द्वारा धार्मिक […]

अलविदा कांग्रेस

लोकसभा चुनावों की हार से बड़ी हार है कांग्रेस में सोनिया जी को पुनः अध्यक्ष चुने जाने की मजबूरी। जिस पार्टी से उम्मीद थी, कि वह एक तेज़ी से बिखरते समाज और देश को एकजुट रखने के लिए संघर्ष करे, वह स्वयं प्रतिक्षण बिखरती जा रही है। यह उसका बिखरना ही है कि वह कल […]

देखो सब ठीक है

तस्वीरें आ रही हैं देखो सब ठीक है देखो सब ठीक है कितनी खुश है जनता देखो सब्ज़ी ख़रीद रही है खाना खाती है दो वक्त का और सांस भी ले रही है मुँह बंद कान बंद आँखें भी बंद सोच भर सकती है देखो सब ठीक है बंदूक से डरती है जेल में भरती […]