श्रेणी समीक्षा

भारत में इन दिनों की स्टैंड अप कॉमेडी पर

बीते कुछ सालों में स्टैंड अप कॉमेडी करने वालों और ऐसे आयोजनों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई है। यह अच्छी बात है। इनमें से ज्यादातर कार्यक्रम यू-ट्यूब या सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं। उनमें से काफ़ी कुछ देखने के बाद और कुछ आयोजनों में जाने के बाद मोटे तौर पर यह निष्कर्ष निकलता है […]

फिल्म समीक्षा : डिअर ज़िन्दगी

फिल्म समीक्षा : डिअर ज़िन्दगी   हिन्दी सिनेमा के लिए यह एक नया विषय और नए किस्म की कहानी है. पहली बार यह भी हुआ कि शाहरुख और आलिया भट्ट साथ अभिनय कर रहे हैं. उस पर निर्देशिका हैं गौरी शिंदे जिनकी पहली फ़िल्म इंग्लिश-विन्ग्लिश काफी प्रभावी थी. कहानी यूं है कि काइरा (भट्ट) एक […]

फ़िल्म समीक्षा – डिटेक्टिव ब्योमकेश बख़्शी

फ़िल्म समीक्षा – डिटेक्टिव ब्योमकेश बख़्शीडिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी अच्छी है शानदार नहीं। खुल के कहूँ तो ठीकठाक है। इसमें जो सबसे अच्छा है वह है कला निर्देशन। यानी जो 1942 का सेट वगैरह है वह उम्दा है। लेकिन निर्देशन में वो बात नहीं है। फ़िल्म आवश्यकता से अधिक “लाउड” है। एक सुपरिचित जासूस कथा को हिंदी में प्रस्तुत करने से पहले उस पुराने धारावाहिक पर विचार कर लेना चाहिए था जिसकी एक ख़ास छवि हिंदी जनमानस में घर कर चुकी है।

फिल्म समीक्षा – बदलापुर

“बदलापुर” कहीं-कहीं अच्छी बन पड़ी है। लेकिन मोटे तौर पर हिन्दी सिनेमा की उसी व्याधि से ग्रस्त है जहां आइडिया और तकनीक तो है लेकिन अभिनय और निर्देशन में चूक हो ही जाती है। जिस फिल्म से अधिक उम्मीदें हों उसमें चूकें अधिक अखरती हैं। इस फिल्म को नवाजुद्दीनके लिए देखिए। नवाज़ हमेशा की तरह […]

फिल्म समीक्षा: क्या दिल्ली क्या लाहौर

मुख्य भूमिका: विजय राज, मनु ऋषि, राज जुत्शी, विश्वजीत प्रधान निर्देशन: विजय राज, करन अरोड़ा कथा: संदीप सिन्हा अंक:  2.5 / 5 सन 1948, भारत-पाक सीमा पर एक सैन्य संघर्ष के बाद दो सिपाही बचते हैं। एक भारतीय दूसरा पाकिस्तानी। भारतीय सैनिक (मनु ऋषि) बंटवारे के बाद लाहौर से दिल्ली आ गया और पाकिस्तानी सैनिक […]

फिल्म समीक्षा: आंखों देखी

मुख्य भूमिका:  संजय मिश्रा,  रजत कपूर, सीमा पाहवा, माया सराओ, तरनजीत, मनु ऋषि चड्ढा, बृजेंद्र काला, योगेन्द्र टिक्कू कथा एवँ निर्देशन: रजत कपूर गीत: वरूण ग्रोवर संगीत: सागर देसाई संजय मिश्रा (बाऊजी) पुरानी दिल्ली के फतेहपुरी इलाके में अपने भाई रजत कपूर के साथ रहने वाला एक नितांत मध्यवर्गीय चरित्र है। संयुक्त परिवार की रोज […]

फिल्म समीक्षा: फैंड्री (फँड्री – मराठी)

मुख्य भूमिका: सोमनाथ अवघडे, राजेश्वरी खरात, सूरज पवार, किशोर कदम, छाया कदम, नागराज मंजुळे कथा एवँ निर्देशन: नागरज मंजुळे आपने फैंड्री का प्रतिनिधि गीत और उसके पोस्टर देखे हैं। नायक और नायिका की तस्वीर देखकर आपने अनुमान लगा लिया है कि यह किशोरवय के प्रेम पर आधारित फिल्म है। फिल्म की चर्चाएँ पढ़-सुनकर आप यह […]

फिल्म समीक्षा – हर (Her)

मुख्य भूमिका: जोकिन फीनिक्स, स्कार्लेट जोहांसन, एमी एडम्स (Joaquin Phoenix, Scarlett Johansson, Amy Adams)  निर्देशन एवं लेखन: स्पाइक जोंजे (Spike Jonze) भारत में हाल ही में प्रदर्शित हुई फिल्म ‘हर’ भावुकता और विज्ञान गल्प का अद्भुत मिश्रण है। भविष्य पर आधारित यह फिल्म आज से करीब तीस से पचास वर्ष आगे की दुनिया की कहानी […]

फिल्म समीक्षा: हंसी तो फंसी

फिल्म समीक्षा: हंसी तो फंसी मुख्य भूमिका: परिणिति चोपड़ा, सिद्धार्थ मल्होत्रा, शरत सक्सेना, मनोज जोशी, अदा शर्मा, नीना कुलकर्णी। निर्देशन: विनी मैथ्यू कथा: हर्षवर्धन कुलकर्णी यह उन फिल्मों में से एक है जो अपने ट्रेलर से कहीं ज्यादा अच्छी निकल आती हैं। कथानक साधारण है। नायक या नायिका को किसी से प्रेम होता है और […]

पुस्तक समीक्षा – दीवार में एक खिड़की रहती थी (विनोद कुमार शुक्ल)

संपन्नता और विपन्नता के समाज में कुछ सर्वमान्य पैमाने होते हैं। संपन्न्ता या विपन्नता के अपने-अपने स्तरों पर हम किसी की अपेक्षा संपन्न और किसी की अपेक्षा विपन्न होते हैं। यह तुलना हर स्तर पर होती है कि कौन संपन्न है और कौन विपन्न। साहित्य और समाज में प्रायः संपन्न्ता की अपेक्षा विपन्न्ता केंद्र में […]