श्रेणी समीक्षा

फिल्म समीक्षा – पेस्तनजी (1988)

“पेस्तनजी” भारत के पारसी समुदाय पर केंद्रित गिनी-चुनी फिल्मों में से एक है। एक समुदाय जिसका भारत के स्वतंत्रता संग्राम, उद्योग जगत, विज्ञान और कानून की दुनिया और साथ ही कलाजगत में योगदान उसकी जनसंख्या में हिस्से के ठीक उलट है, उसकी संस्कृति पर शायद और भी बहुत सी फ़िल्में बननी चाहिए थीं। मुख्यधारा के […]

फिल्म समीक्षा – ऑउट ऑफ़ अफ़्रीका (1985)

जब परदेस में हम एक ठिकाना बना लेते हैं, एक संसार खड़ा कर लेते हैं, तो यह समझना मुश्किल हो जाता है कि अपना देस कौन सा है? वह जिसे हम छोड़ आए हैं या वह जो हमसे अब आसानी से नहीं छूटेगा? इंसानों के अलावा क्या किसी जगह के भूगोल से एक रिश्ता नहीं […]

फ़िल्म समीक्षा – जूली एंड जूलिया (2009)

जूली एन्ड जूलिया (2009) यह दो सच्ची कहानियों और दो अलग-अलग किताबों पर आधारित फ़िल्म है। मेरा इसे देखने का सबसे बड़ा कारण यह है कि यह पाककला से जुड़ी कहानी है। जूलिया चाइल्ड  प्रसिद्ध अमेरिकन टेलीविजन कुक एवँ व्यंजनों की किताबों की लेखिका थीं। 1949 के आसपास  फ्रांस में अपने पति के साथ रहीं। […]

फ़िल्म समीक्षा – द रिमेन्स ऑफ़ द डे (1993)

नेटफ्लिक्स पर देखी। यह बीसवीं सदी के ब्रिटेन की, काज़ुओ इशिगुरो (ब्रिटिश लेखक) के उपन्यास पर आधारित कहानी है। द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले के कुछ दशकों और बाद के कुछ वर्षों  के घटनाक्रमों के इर्दगिर्द दरअसल यह एक बड़े रसूखदार ब्रिटिश सांसद की विशाल हवेली के बटलर की कहानी है। बटलर यानी पूरी हवेली का […]

पुस्तक समीक्षा – आँखों देखा गदर

1856-57 में महाराष्ट्र के ठाणे के पेण क्षेत्र का एक युवा ब्राह्मण अपने वयोवृद्ध काका के साथ पैसा कमाने और तीर्थाटन की योजना से “हिंदुस्तान” की यात्रा पर निकल पड़ा। पैसा कमाने से आशय हिंदुस्तान के ग्वालियर में शिंदे (सिंधिया) घराने की राजमाता के द्वारा आयोजित महायज्ञ में शामिल होकर बड़ी दक्षिणा पाने से था। […]

समीक्षा – हंटर (प्राइम वीडियोज़)

Hunters (Prime Videos)देखी। अल पचीनो की मुख्य भूमिका में पहला सीज़न बनाया है। “हाऊ आई मेट योर मदर” के सितारे जॉश रैंडर भी हैं। देखने का फ़ैसला सिर्फ़ इसलिए किया कि इसमें अल पचीनो हैं। लेकिन यह देखी जाए इसके एक नहीं अनेक कारण हैं। सतही तौर पर देखें तो लगता है कि यह भी […]

फ़िल्म समीक्षा – द आयरिश मैन

अरसे बाद एक बेहद अच्छी गैंगस्टर मूवी आई है – The Irishman The Irishman नेटफ्लिक्स सहित बड़े पर्दे पर भी रिलीज हुई है। भारत में फिलहाल केवल नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। पूरे साढ़े तीन घंटे की फ़िल्म है। कहानी में एक उपन्यास के जैसी गहराई भी है और विस्तार भी। मुख्य भूमिका में रॉबर्ट डे […]

नीले आसमान के तले काली धरती की कहानी है काला !

फ़िल्म “काला” देखी। हिंदी में डबिंग थी सो मूल फ़िल्म जैसा अनुभव नहीं हो सकता। लेकिन फ़िल्म कैसी लगी यह बताने से ज्यादा महत्वपूर्ण है यह बताना कि ऐसी फिल्मों का इस स्तर पर बनना और सफ़ल होना कितना अधिक महत्वपूर्ण है। तमिल फिल्म निर्देशक पा रंजीत (काला के भी निर्देशक) दलित हैं, वैसे ही […]

भारत में इन दिनों की स्टैंड अप कॉमेडी पर

बीते कुछ सालों में स्टैंड अप कॉमेडी करने वालों और ऐसे आयोजनों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई है। यह अच्छी बात है। इनमें से ज्यादातर कार्यक्रम यू-ट्यूब या सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं। उनमें से काफ़ी कुछ देखने के बाद और कुछ आयोजनों में जाने के बाद मोटे तौर पर यह निष्कर्ष निकलता है […]

फिल्म समीक्षा : डिअर ज़िन्दगी

फिल्म समीक्षा : डिअर ज़िन्दगी   हिन्दी सिनेमा के लिए यह एक नया विषय और नए किस्म की कहानी है. पहली बार यह भी हुआ कि शाहरुख और आलिया भट्ट साथ अभिनय कर रहे हैं. उस पर निर्देशिका हैं गौरी शिंदे जिनकी पहली फ़िल्म इंग्लिश-विन्ग्लिश काफी प्रभावी थी. कहानी यूं है कि काइरा (भट्ट) एक […]