लेखक पुरालेख: हितेन्द्र अनंत

नेताजी के जन्मदिन पर

गलतियाँ महान लोगों से भी होती हैं। हम उन्हें आज की समझ के मुताबिक गलतियाँ कहते हैं। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के महान योगदान को सभी जानते हैं। लेकिन वे स्वयं यदि लंबे समय जीवित होते तो यह मानते कि नाजी हिटलर का और ध्रुव राष्ट्रों का साथ लेना एक ग़लत फ़ैसला था। लोग गांधी की […]

बेस्ट सेलर किताबों की सूची

2019 – विश्व पुस्तक मेले में इस बार की दस बेस्ट सेलर किताबों की सूची: १०. अकेला ही है जीना मुझको (ग़ज़ल संग्रह) – अरविन्द केजरिवाल ९. ब्लॉगिंग में सफलता पाने के 1001 तरीके – अरुण जेटली ८. आइंस्टीन और न्यूटन के झूठों का संग्रह – इंडियन साइंस कांग्रेस ७. कैद में है शाहजहाँ (उपन्यास) […]

2019 – शुद्धतावाद को परे रखने का समय

बहुत बड़ी-बड़ी क्रांतियों का वादा करने वाले भारत में ऐसी कोई बड़ी क्रांति तो नहीं ला पाए। लेकिन उनके सक्रिय आंदोलनों और आवाज़ उठाने के चलते ही पिछले 72 सालों में क़ानून और व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आए हैं। इन बदलावों को लाने वाली बड़ी कारक रही हैं कांग्रेस की सरकारें। अब कांग्रेस की कुछ […]

ये भीड़

भीड़ मुसलमान को मारती है भीड़ दलित को पीटती है पुलिस मुसलमान को मारती है पुलिस दलित को पीटती है पुलिस भीड़ को बचाती है भीड़ पुलिस को मार डालती है भीड़ एक दिन भीड़ बनाने वाले को भी मार डालेगी। – हितेन्द्र अनंत (उप्र में गाय के नाम और जमा हुई भीड़ द्वारा पुलिस […]

सबरीमाला प्रकरण पर

#सबरीमाला की समस्या ऊपरी तौर पर भले ही ऐसी लगे कि यह दक्षिणपंथियों द्वारा भड़काई आग है, पर सच यह है कि वहाँ के (केरल के!) समाज में यह मुद्दा बेहद भीतर पैठ बना चुका है। समाज का भीड़ में तब्दील होकर एक सर्वोच्च संवैधानिक शक्ति के फ़ैसले को धता बताना सामान्य घटना नहीं है। […]

रिश्तों पर से कानून के बंधन का हटना #497

भारतीय दंड संहिता की धारा 497 को उच्चतम न्यायायलय द्वारा अमान्य किए जाने पर, 27 सितंबर 2018 को पहले फेसबुक में लिखा था। 1. अदालत का फैसला सौ फीसदी सही है। 2. न केवल कानूनी तौर पर बल्कि विवाहेतर (विवाह से बाहर, अपने पति/पत्नी के अलावा किसी और से) सम्बंधों में भी कोई नैतिक बुराई […]

नीले आसमान के तले काली धरती की कहानी है काला !

फ़िल्म “काला” देखी। हिंदी में डबिंग थी सो मूल फ़िल्म जैसा अनुभव नहीं हो सकता। लेकिन फ़िल्म कैसी लगी यह बताने से ज्यादा महत्वपूर्ण है यह बताना कि ऐसी फिल्मों का इस स्तर पर बनना और सफ़ल होना कितना अधिक महत्वपूर्ण है। तमिल फिल्म निर्देशक पा रंजीत (काला के भी निर्देशक) दलित हैं, वैसे ही […]

स्वाभाविक है महिलाओं के द्वारा हस्तमैथुन, तब भी जब वे विवाहित हों

केवल वयस्क पढ़ें (उम्र से भी और दिमाग़ से भी) To be read by adults only (Adults by age as well as intellect) महिलाओं के द्वारा हस्तमैथुन स्वाभाविक है. तब भी जब वे विवाहित हों. आईटी सेल (बताने की जरूरत नहीं किस पार्टी का) के कारिंदे फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर के पीछे पड़ गए. जैसा […]

The Indian Express Debate on the Muslim Question

Prof. Suhas Palshikar has furthered the debate on the Muslim question that was started by an article by Harsh Mander and a response to it by historian and author Ramchandra Guha.   The Muslim question is obviously a very important question that has many contestants in the Indian politics and society. There is obviously a […]

प्रधानमंत्री का साक्षात्कार कैसे लें?

मोदी जी से इंटरव्यू के लिए कड़े और मुश्किल सवालों की सूची। जो चाहे इस्तेमाल कर ले: १. मोदी जी आप बहुत क्यूट हैं। (ये सवाल ही है) २. नरेंद्र मोदी जी आप 24 में 26 घंटे काम करते हैं। इतना कम क्यों सोते हैं आप? ३. आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आपने पूरी दुनिया में देश […]