समीक्षा

फ़िल्म समीक्षा – सीरियस मेन

मनु जोसेफ़ के उपन्यास “सीरियस मेन” पर इसी नाम से बनी फ़िल्म आई है जिसे सुधीर मिश्रा ने बनाया है। नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी मुख्य भूमिका में हैं।

जितना अच्छा उपन्यास है, फ़िल्म उतनी अच्छी नहीं बन पाई है। बल्कि कहना होगा कि ख़राब फ़िल्म बनी है। सुधीर मिश्रा मुझे ओवररेटेड निर्देशक लगते थे पहले भी। अब यह धारणा और मज़बूत हो गई है। फ़िल्म की पटकथा उपन्यास की मूल भावना को समझाने में विफल रही है।

उपन्यास जैसा विस्तार फ़िल्म में नहीं हो सकता यह तो समझ आता है, लेकिन कुछ मुख्य पात्रों के साथ पटकथा में अन्याय किया गया है। मीडिया के सर्कस को फ़िल्म में उपन्यास से अधिक महत्व दिया गया है। वैज्ञानिकों (जिन पर फ़िल्म का शीर्षक है) की दुनिया और उसके विरोधाभासों को उपन्यास उजागर करता है, फ़िल्म ने पूरी तरह उसकी उपेक्षा की है। दलित-ग़रीब के प्रश्न को भी उपन्यास के जैसी गंभीरता से नहीं लिया गया है फ़िल्म में।

अरविन्द आचार्य की भूमिका में नसर अप्रभावी हैं। अक्षत दास बाल कलाकार की भूमिका में अच्छे लगे। इन्दिरा तिवारी ने ओज़ा मणि की भूमिका में बेहद अच्छा काम किया है। संजय नार्वेकर भी मंजे हुए कलाकार हैं और उन्होंने हमेशा की तरह प्रभावित किया। नवाज़ुद्दीन के लिए ऐसी भूमिकाएँ करना शायद नींद में भी इतना ही आसान हो गया होगा।

सुधीर मिश्रा की एक फ़िल्म है “इस रात की सुबह नहीं” उसमें उन्होंने पात्रों की वो खिचड़ी बनाई थी कि पूरी फ़िल्म दिशाहीन हो गई। इस फ़िल्म में भी वैसी ही ख़ामियाँ हैं।

इसलिए सलाह यही है कि “सीरियस मेन” उपन्यास पढ़ें। मनु जोसेफ़ का पहला उपन्यास है और बहुत अच्छा है। उनका दूसरा “इल्लिसिट हैप्पीनेस ऑफ़ अदर पीपुल” तो यादगार माना जाना चाहिए। उनका तीसरा उपन्यास “मिस लैला आर्म्ड एन्ड डेंजरस” बेकार है।

मनु जोसेफ़ लाइव मिन्ट अखबार के लिए नियमित लिखते हैं। एक बार उन्होंने लिखा था कि “बद्रीनाथ की दुल्हनिया” बहुत ही वाहियात फ़िल्म है। उन्हें एक दर्शक के रूप में अपनी इस फ़िल्म के बारे में भी वैसा ही कुछ ईमानदारी से लिखना चाहिए। वैसे तुलना करनी ही पड़े तो “बद्रीनाथ….” का निर्देशन बेहतर ही था।

  • हितेन्द्र अनंत
Advertisement
मानक

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s