संघे शक्ति कलियुगे

संघे शक्ति कलियुगे:

१. संघ और उसके आनुषांगिक संगठनों ने दहेज़ के विरोध में अब तक १०० बार भारत बंद किया है। ५०० से अधिक बार रेल रोकी है। एक लाख से अधिक स्वयंसेवक दहेज़ विरोधी कारसेवा के जत्थों में शामिल हैं।
२. बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने अब तक एक लाख ऐसी शादियाँ जबरिया रुकवाई हैं जहां दहेज़ लिया गया हो।
३. विहिप द्वारा आयोजित धर्म संसद और मार्गदर्शक मंडल के निर्देशानुसार संतों और नागा साधुओं ने किसी भी विवाह में महंगे भोज को होने से रोकने के लिए आन्दोलन चलाया हुआ है।
४. मृत्यु भोज जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए हिन्दू समाज में जागृति के उद्देश्य से संघ के सहयोग से साधुओं ने प्रतिवर्ष पंचकोसी परिक्रमा आयोजित करने का निर्णय लिया है।
५. संघ का प्रत्येक आजीवन प्रचारक दलितों के घर ही भोजन करता है।
६. विहिप के नेतृत्व में काशी विद्वत परिषद ने वर्ण-व्यवस्था एवं जाति व्यवस्था को अवैध एवं अहिन्दू घोषित किया है।
७. संघ के अनुसार मनुस्मृति एक अहिन्दू ग्रन्थ है।
८. संघ के जितने भी सरसंघचालक हुए हैं उनमें अधिकांश दलित और अधिकांश महाराष्ट्र से बाहर के हैं।
९. संघ के वर्तमान सरसंघचालक “मोहन जाटव” के अनुसार सभी भारतीय हिन्दू हैं एवं संघ सभी हिन्दुओं के हितों के लिए कार्य करता है अतः उनका उत्तराधिकारी कोई “मुस्लिम-हिन्दू” ही होगा।
१०. संघ ने १०८ प्रकांड संस्कृत ज्ञाताओं की समिति बनायी है जो प्रत्येक हिन्दू शास्त्र से उन सभी अंशों को हटाएगी जहां अमानवीय वर्ण-व्यवस्था का उल्लेख है। यदि आवश्यक हुआ तो ऐसे सभी ग्रंथों को पूरे का पूरा “अपठ्य” घोषित कर दिया जाएगा।
११. संघ ने घोषणा की है कि अगले पचास वर्षों तक उसे केवल हिन्दू धर्म-समाज से कुरीतियों को दूर करना है। उसके बाद ही वह “लव-जिहाद” या धर्मांतरण जैसे अपेक्षाकृत कम महत्व के विषयों पर ध्यान देगा।
१२. संघ ने हिन्दू समाज के युवाओं से अपील की है कि वे जाति-व्यवस्था एवं दहेज़ जैसी कुरीतियों की समाप्ति के लिए केवल अंतरजातीय विवाह ही करें।
१३. संघ ने पालकों एवं बुजुर्गों से निवेदन किया है कि वे अंतरजातीय विवाह करने वाले युवाओं को न रोकें बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करें।
१४. विहिप ने वर्तमान राष्ट्रवादी केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह जाति आधारित सभी समाजों का पंजीयन रद्द करते हुए उन पर प्रतिबन्ध लगाए ताकि समग्र हिन्दू समाज की एकता के प्रयासों को बल मिले।
१५. संघ की महिला शाखा राष्ट्र सेविका समिति एवं दुर्गा वाहिनी का मुख्य कार्य हिन्दू लड़कियों की शिक्षा के लिए कार्य करना एवं जब तक वे कोई आजीविका प्राप्त न कर लें तब तक उनके विवाह को रोकना है।
१६. दुर्गा वाहिनी की बहनें एवं बजरंग दल के भाई पूरे भारत में रात को गश्त लगाते हैं ताकि महिलाएं रात बाहर आने-जाने में सुरक्षा महसूस करें।
१७. अभाविप के छात्र निजी ट्यूशन कोचिंग एवं नेताओं द्वारा चलाए जा रहे महंगे निजी कालेजों के विरोध में वर्षों से आमरण अनशन पर बैठे हैं।
१८. संघ के सभी संगठन जादू-टोने-वास्तु-ज्योतिष जैसी अंधविश्वासी मान्यताओं के विरुद्ध जनता को सतत जागरूक करते रहते हैं। वे सभी ढोंगी बाबाओं के भी विरोधी हैं।

संघ का उद्देश्य चरित्रवान नागरिकों का निर्माण है। संघ चरित्रवान लोगों की संस्था है। मैं दुष्चरित्र, शराबी-नशेड़ी व्यक्ति हूँ। यह सब मैंने नशे की हालत में लिखा है। इसलिए कहा-सुना माफ़ करें। सच और झूठ का फ़ैसला स्वयं आप करें।

– हितेन्द्र अनंत

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