गांधी – अम्बेडकर और मिट्टी की पट्टियाँ : अफ़लातून

गांधी बनाम आंबेडकर की बहस में श्री अफलातून की यह लेखमाला एक आवश्यक संदर्भ है। सात खंडों की यह लेख माला इस विषय में रुचि रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण पक्ष सामने रखती है। पूर्ण लेख एवं आगे की कड़ियों के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें। – हितेन्द्र अनंत

समाजवादी जनपरिषद

[ मेरे नेता किशन पटनायक ने मुझसे ‘ गांधी – अम्बेडकर ‘ पर गहराई से अध्ययन करने के लिए कहा था। फलस्वरूप मैंने ‘गांधी – अम्बेडकर और मिट्टी की पट्टियाँ’ शीर्षक से लम्बा लेख लिखा । दल की पत्रिका ‘सामयिक वार्ता’ में यह अक्टूबर १९९४ में प्रकाशित हुआ तथा अन्य भाषाओं में इसका अनुवाद भी हुआ । मुझे यकीन है कि चिट्ठालोक के पाठक इसे पढ़ेंगे । – अफ़लातून ]

    ‘ टाइम्स ‘ के संवाददाता मैक्रे और गांधीजी की ६ फरवरी १९३३ को यरवदा जेल में एक अच्छी भेंटवार्ता हुई । गांधीजी के सिर पर लगी हुई मिट्टी की पट्टी के बारे में उसने पूछा । ‘ रिटर्न टू नेचर ‘ नामक पुस्तक पढ़कर सन १९०५ में सिर पर पट्टी बाँधना कैसे शुरु किया था , और उसके बाद सैंकड़ों मौकों पर किस तरह उस पर अमल किया , यह बापू ने उसे बताया । किसी अच्छी चीज को…

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