दैनिक पुरालेख: अक्टूबर 6, 2006

मालवा की लोककथा: सवा मन कंचन (चंद्रशेखर)

किसी जमाने की बात है। एक आदमी था। उसका नाम था सूर्यनारायण। वह स्वयं तो देवलोक में रहता था, किंतु उसकी मां और स्त्री इसी लोक में रहती थीं। सूर्यनारापयण सवा मन कंचन इन दोनों को देता था और सवा मन सारी प्रजा को। प्रजा चैन से दिन काट रही थी, किंतु मां-बहू के दिन […]