एक ऐसे त्यौहारी समय में, जब मेरे मोहल्ले की आंटी की कर्कश आवाज़ में भजन सुनकर लगा कि इससे तो डीजे वाले बाबू हाई डेसिबल में “रा रा रक्कम्मा” लगा देते तो अच्छा था… उन दिनों, जब पता चला कि एक कॉमरेड ने इस सवाल का उत्तर ढूंढने के लिए पार्टी की लीडरशिप छोड़ दी […]

मनोहर श्याम जोशी का उपन्यास “कसप” पढ़ा। इसमें कुमाऊँनी हिन्दी का जो सौंदर्य बिखरा है, वह शायद इस उपन्यास का सबसे अच्छा पहलू है। हालाँकि इसे कुमाऊँनी समाज की कहानी न मानते हुए वहाँ के ब्राह्मण समाज की कहानी अधिक माना जाना चाहिए। आदि से अंत तक केवल ब्राह्मण परिदृश्य है, हालाँकि केवल ऐसा होने […]

एक बड़ी लंबी सड़क शहर से मेरे गाँव तक आती है। वह गाँव के जिस सिरे से जुड़ती है, मुझे लगता है कि गाँव वहीं से शुरू होता है। अब भी मैं गाँव की कल्पना करूँ तो उसका नक्शा वहीं से बनाना शुरू करता हूँ। शहर के जिस हिस्से में मैं ज़्यादातर रहा हूँ, मुझे […]

सप्ताह में एक दिन बाज़ार भरता था। मेरे गाँव छुरा में शनिवार के दिन बाज़ार भरता था। गरियाबंद के लिए शायद शुक्रवार था, पाण्डुका के लिए गुरूवार और बाकी गाँवों के लिए और दिन तय थे। बाज़ार मेरे घर के बहुत पास भरता था। वह जगह बरगद के एक विशाल पेड़ के नीचे थी। गाँव […]

आजकल यूँ तो मैं बहुत कुछ कहना चाहता हूँ, लेकिन जितना अधिक चाहता हूँ, उतना ही कम कहता हूँ। ऐसा बहुत कुछ मेरी दुनिया में घटित हो रहा है जो मुझे सोचने पर मजबूर कर देता है। लेकिन हर बार जब मन करता है कि किसी बात पर मेरी अपनी भी कोई बात होनी चाहिए, […]

रूस की एक खासियत है। रूस की आम जनता औसतन कम बुद्धिमान होती है। इसलिए उस पर अधिक बुद्धिमान शासक के द्वारा राज किया जाना ही वहाँ का इतिहास है। वह अधिक बुद्धिमान शासक किसी पार्टी के पोलितब्यूरो से लेकर खास जाति या परिवार के सदस्य तक कुछ भी हो सकता है। दरअसल रूस में […]

एक ग़रीब का उन्नीस किलोमीटर रोज़ दौड़ना ज़रूरी है। ताकि सबसे पहले हमें यह पता चले कि हम उतने ग़रीब नहीं हैं। और इसलिए भी कि एक फिल्ममेकर अपना एक और वीडियो वायरल करवा सके। और फिर उस वायरल वीडियो से झटक ले कुछ और टीआरपी। उस ग़रीब का नाम पता सब कुछ पूछकर ज़ाहिर […]

राहुल गांधी वह नहीं हैं जो कांग्रेस समर्थक सोचते हैं। राहुल गांधी जो भी हो “एक भला आदमी है”, यह बात भोले-भाले कांग्रेस समर्थकों का भ्रम है। जो व्यक्ति बिना किसी प्रशासकीय अनुभव के खुद को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार मान ले, उसके पहले बिना किसी चुनाव के पार्टी का अध्यक्ष बन जाए,वह दरअसल सत्तालोलुप […]

फलाना छह फुट ऊँचा है या छह फुट लम्बा? अंग्रेज़ी में तो हाइट ही नापी जाती है। हिन्दी में क्या सही उपयोग होगा यह जानने के लिए प्रचलित साहित्य की ओर रुख किया तो एक गीत की यह पँक्तियाँ ध्यान आईं: एक ऊँचा-लम्बा कददूजा सोणी वी तू हद अब मामला कठिन हो गया। व्याकरण की […]

1. The boys wearing saffron scarves in Karnataka and protesting against women wearing Hijab in colleges are doing the wrong thing, more than that, this will lead them to an almost permanent fundamentalist frame of mind where the “other” must be abhorred, or negated. 2. The women who have a legitimate right to enter educational […]