जनसंख्या नियंत्रण पर: (संदर्भ – 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री का लाल किले से भाषण) 1. तब जबकि जनसंख्या में वृध्दि (या विस्फोट?) वाकई एक समस्या हो, जनसंख्या नियंत्रण को एक सही नीति माना जा सकता है। 2.जब जनसंख्या नियंत्रण सही नीति हो और देश के लिए आवश्यक हो तब किसी भी समुदाय द्वारा धार्मिक […]

लोकसभा चुनावों की हार से बड़ी हार है कांग्रेस में सोनिया जी को पुनः अध्यक्ष चुने जाने की मजबूरी। जिस पार्टी से उम्मीद थी, कि वह एक तेज़ी से बिखरते समाज और देश को एकजुट रखने के लिए संघर्ष करे, वह स्वयं प्रतिक्षण बिखरती जा रही है। यह उसका बिखरना ही है कि वह कल […]

तस्वीरें आ रही हैं देखो सब ठीक है देखो सब ठीक है कितनी खुश है जनता देखो सब्ज़ी ख़रीद रही है खाना खाती है दो वक्त का और सांस भी ले रही है मुँह बंद कान बंद आँखें भी बंद सोच भर सकती है देखो सब ठीक है बंदूक से डरती है जेल में भरती […]

कभी सोचिए कि सैकड़ों साल ज़ार और उसके बाद सोवियत संघ का हिस्सा रहने के बाद यूक्रेन मौका मिलते ही अलग देश क्यों बना? ऐसे ही वो पंद्रह अन्य देश जो करीब सत्तर-अस्सी साल सोवियत संघ के साथ थे मौका मिलते ही अलग हो गए। क्यों? क्यों ऐसा है कि आयरलैंड का बड़ा हिस्सा यूनाइटेड […]

कश्मीर घटनाक्रम पर: (लम्बा लिखा है, वही बहस करें जो पढ़ सकें) अनुच्छेद 370 का अस्तित्व: 1. पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेकिन लगभग निष्प्रभावी हो गया है। नाम के लिए ही सही, अनुच्छेद 370 अब भी जीवित है। केवल अधिकांश प्रावधानों को खत्म किया गया है। 2. इसे अदालत में चुनौती दी जा […]

हम लोग इतने बड़े वाले विश्वगुरु हैं कि एक बारिश में देश के सारे बड़े शहर ध्वस्त हो जाते हैं। हर साल यही होता है लेकिन हम लोग कुछ नहीं कर पाते। चेन्नई में पानी नहीं है। सालों से नहीं है। लेकिन हम लोग भारतीय हैं, माँ भारती की संतान हैं, जुगाड़ नाम की कोई […]

यादव जी और जाधव जी पड़ोसी थे। यादव जी की जाधव जी से पटती नहीं थी। एक बार यादव जी ने एक नौकर रखा जिसका नाम था गोदी। गोदी ने आते ही जाधव परिवार की नाक में दम कर दिया। वह यादवों के घर का कचरा जाधवों के घर फेंक देता था। जाधव से गाली-गलौज […]

गिरिराज सिंह, नवरात्रि, ईद, फलाहार और इफ़्तार स्वामी विवेकानंद ने अनेकों बार कहा है कि हिन्दू धर्म और इस्लाम में सबसे बड़ा फ़र्क है कि इस्लाम में सामूहिकता है, हिन्दू धर्म में नहीं। इस्लाम एक संगठित धर्म है जिसमें एक साथ मिलकर अनेक धार्मिक कार्य करने पर जोर है। हिन्दू धर्म व्यक्ति केंद्रित धर्म है […]

विराट हिन्दू को यह पता चला है कि बंगाल का हिन्दू, जो उतना विराट नहीं है, उसको जय श्री राम बोलने से रोका जा रहा है। उसे इससे कोई मतलब नहीं कि वाकई ऐसा हो भी रहा है या नहीं। अब व्हाट्सएप पर आया है तो सच ही होगा।

विराट हिन्दू चाहता है कि ममता बनर्जी को जय श्री राम लिखकर भेजे पोस्टकार्ड पर। क्या ममता वाकई किसी के जय श्री राम बोले जाने पर रोक लगा रही हैं? इससे फ़र्क नहीं पड़ता कि सच क्या है।

कश्मीर के एक पण्डित थे राज कौल। वे संस्कृत और फारसी के विद्वान थे ईसवी सन् 1716 केआसपास मुग़ल बादशाह फर्रूखसियार के कहने पर उनका परिवार दिल्ली आ गया. राज कौल कोगुजारे के लिए एक जागीर दी गयी जो नहर के पास थी। इसलिए कौल परिवार को कौल-नेहरू औरकालान्तर से नेहरू कहकर पुकारा जाने लगा इसी परिवार के लक्ष्मीनारायण नेहरू कंपनी सरकारके मुग़ल दरबार में पहले वकील नियुक्त हुए।लक्ष्मीनारायण के पुत्र गंगाधर नेहरू 1857 के विद्रोह केकुछ समय पहले तक दिल्ली शहर के कोतवाल रहे। 1857 के विद्रोह और दिल्ली में हुई बाद की हिंसा ने नेहरू परिवार को भी तबाह कर दिया। यहपरिवार आगे चलकर आगरा में बस गया। 1861 में गंगाधर की मृत्यु जब हुई, तब उनके पुत्र मोतीलाल गर्भस्थ थे। यह परिवार खेतड़ी राज्य में रहा।नन्दलाल नेहरू जो मोतीलाल से आयु में काफी बड़े थे, वेखेतड़ी राज्य के दीवान हुए। आगे चलकर नन्दलाल आगरा के अंग्रेज न्यायालय में चले गए। यह न्यायालय जब आगरा से इलाहाबाद स्थानांतरित हुआ तब नेहरू परिवार भी इलाहाबाद आ गया। इस परिवार में जन्म हुआ मोतीलाल के पुत्र जवाहर लाल का। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के अनेक पहलू होते हैं। किसी देश की स्वतन्त्रता के लिए संघर्ष करने वालेऔर उसे वर्षों तक नेतृत्व प्रदान करने वाले राजनेता के जीवन में भी रहे होंगे। इस दुनिया में कौन है जोकहे उससे कभी कोई गलती नहीं हुई? गलतियों का हिसाब इतिहास ले ही लेता है। लेकिन देश कीजनता केवल गलतियों को याद रखे और बाकी के विस्तृत-विराट योगदान को भुला दे, यह कृतघ्नता है।उनकी कश्मीर नीति और चीन युद्ध की विफलता पर उन पर प्रश्न किए जाते हैं और उचित है कि ऐसेप्रश्न किए जाएं। पर उनका इस नए गणतंत्र की स्वतंत्रता, स्थापना, अखण्डता और समृद्धि में बहुत बड़ा योगदान है। हम आपके कृतज्ञ हैं नेहरू जी कि आपका नेतृत्व हमें तब मिला जब इसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी। ध्यान दें- 1. नेहरू बड़े विचारक थे। वे उन चुनिंदा राजनेताओं में हैं जिन्होंने खूब लिखा, राजनीति से इतर भी। उनकी पुस्तकें ‘भारत एक खोज ‘(ग्लिम्पसेस ऑफ वल्र्ड हिस्ट्री) उनके अध्ययन के विस्तार को प्रदर्शित करती हैं। 2. हालांकि एक अमीर घराने से होने के […]