१. हिन्दू धर्म में जो सुधार हुए हैं प्रायः बाहर से आए हैं. हालिया बदलाव न्यायालय के फैसले से संभव हुआ, किसी हिन्दू नेता या संत-मठाधीश को इतने सालों से एक घटिया परम्परा को सुधारने की कोई जरूरत महसूस नहीं हुई थी. बाके स्वरूपानंद का बयान सबके सामने है. (“महिलाओं को प्रवेश से बलात्कार बढ़ेंगे”) […]

बहुत डर लग रहा है. सुना है १२५ करोड़ के इस देश को पूरे ५ लड़कों के नारों से ख़तरा पैदा हो गया है. जब से पाकिस्तान और चीन को इस बात का पता चला है दोनों मिलकर सर कूट रहे हैं..

१. मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन चार डिब्बे पहला रोटी दूजा दवाई तीजा किताबें चौथा थोड़ा अमन चैन चला सकोगे? २. कर्ज़ा जापान का पुर्ज़ा जापान का ट्रेन सेठ की सफ़र सेठ का तमाशा साहेब का तारीफ़ साहेब की आँखें ग़रीब की तालियाँ ग़रीब की – हितेन्द्र अनंत

भाषा हमारे अंदर का झूठ पकड़ ही लेती है.
बीते कुछ दशकों या एकाध सदी में हम इतने झूठे हो गए हैं कि हमारा अपने ही वचन पर विश्वास नहीं रह गया है. हम यह भी जानते हैं कि दूसरों को भी हमारे कहने पर विश्वास नहीं ही होना है. इसलिए हमने “रिअली”, “वाकई”, “सचमुच”, “वास्तव में” “कसम से” जैसे शब्द गढ़ लिए हैं.

आजकल हम प्रत्येक घटना के “स्थानीय” पहलू पर ही ध्यान देते हैं। जैसे कि एक दलित ने कुछ दिन पहले मंदिर प्रवेश किया तो उसे ज़िंदा जला दिया गया। हमारी और सरकार की प्रतिक्रिया यहीं तक सीमित रहती है कि घटना की जांच हो और दोषियों को सजा मिले। वह भी तब जब हमारे समय […]

(दो अक्टूबर 2015 को पहले फेसबुक पर लिखा गया) प्यारे बापू, हैप्पी बर्थडे! आप कहाँ हैं मैं नहीं जानता। आपकी तरह पुनर्जन्म या आत्मा के अस्तित्व पर मेरा विश्वास नहीं है बापू। लेकिन आप पर मेरा विश्वास है। आप आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में बसे हैं बापू। यह पत्र उनमें से किसी के […]

राजू को बहुत भूख लगी थी। उसने मम्मी से कहा मम्मी मम्मी भूख लगी मैगी चाहिए मुझे अभी मम्मी ने कहा ठहर जा मैं व्हॉट्स एप कर रही हूँ राजू रोने लगा मम्मी ने कहा ठहर जा इससे बड़ी समस्या यह है कि कौन सा ओएस लूँ? विंडोज़, आईओएस या एंड्रॉइड? राजू फिर रोने लगा […]

कल फेसबुक पर मित्र आशुतोष ने कहा कि मुर्गा है जो सारे धर्मों में एकता ला देता है। हमने पूछा लेकिन कौन सा? हलाल या झटका? इसको लाइक तो बहुतों ने किया लेकिन जवाब नहीं दिया तो फिर हमने इस पर गंभीरता से विचार किया और नतीजे पर पहुँच भी गए। नतीजे पर आप भी […]

हिंदी में मनुहार की जाए तो अनंत होती है। जब तक चाहें खींचें। अतिथि या जिसकी मनुहार की जाए उसे भी मनुहार में मज़ा आने लगता है। सो वह मना करता रहता है ताकि मनुहार बढ़ती रहे और वह मनुहार का मजा लेता रहे। राजस्थान में तो कुछ लोग बिना मनुहार के खाना या कोई […]

संघे शक्ति कलियुगे: १. संघ और उसके आनुषांगिक संगठनों ने दहेज़ के विरोध में अब तक १०० बार भारत बंद किया है। ५०० से अधिक बार रेल रोकी है। एक लाख से अधिक स्वयंसेवक दहेज़ विरोधी कारसेवा के जत्थों में शामिल हैं। २. बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने अब तक एक लाख ऐसी […]

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