कुछ दिन पहले से मैं रायपुर से जगदलपुर (बस्तर जिले का मुख्यालय, और पूर्व बस्तर प्रांत की राजधानी) गया। बारिश के कारण रास्ता बड़ा ही मोहक था। हरियाली और बारिश का माहौल था। केसकाल घाटी का सौंदर्य बारिश में अप्रतिम अप्रतिम होता है। चक्करदार रास्तों से जब ग़ाड़ियाँ केसकाल की ओर पहाड़ पर चढ़ाई करती हैं तो नीचे और चारों ओर फ़ैला प्राक़्रुतिक सौंदर्य मन को मोह लेता है। बस्तर मध्य-भारत का सबसे सुंदर अंचल है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज यह पूरा अंचल नक्सलवाद से पीड़ित है। पता नहीं क्यों कश्मीर या बस्तर जैसे सुंदर प्रांत अतिवादियों का शिकार होते हैं? ख़ैर, जगदलपुर रायपुर से 300 किलोमीटर की दूरी पर एक छोटा सा शहर है। रायपुर से धमतरी फ़िर कांकेर, केसकाल, कोंडागाँव और बस्तर(एक छोटा सा क़स्बा जिसके नाम पर प्राचीन बस्तर राज्य का नाम था) होकर जगदलपुर पहुँचने में करीब 5-6 घंटे लगते हैं।
( बस्तर के बारे में अधिक जानकारी यहाँ से मिल सकती है। बस्तर में पर्यटन के लिये बहुत सारे विकल्प हैं जिनकी जानकारी यहाँ से मिल सकती है। )
जगदलपुर में मैंने वहाँ के पूर्व राजपरिवार का महल देखा। इस महल में आज भी राजपरिवार के सदस्य निवास करते हैं। अपने ऐतिहासिक महत्व के बावज़ूद यह महल उपेक्षित दशा में है। रख-रखाव के अभाव में इस महल का वास्तविक सौंदर्य सामने नहीं आ पाता। महल की और यात्रा की कुछ तसवीरें यहाँ चस्पा कर रहा हूँ। महल के अंदर स्थित राजा का राजसिंहासन देख कर अच्छा लगा। बस्तर राजपरिवार की एक गाड़ी पर बस्तर राज्य का राजचिह्न भी देखा। बस्तर के प्रसिद्द और जनप्रिय राजा प्रवीरचंद्र भंजदेव की तस्वीर भी देखी। जगदलपुर में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अनेक आदिवासियों सहित राजा प्रवीरचंद्र भंजदेव को 1966 में पुलिस ने 25 मार्च 1966 को गोलियों से मार दिया था।
















हिन्दी नेट के लिये इतना अच्छा काम कर रहे हैं भाई साहब आप “फुरसत से” मगर इसे “टाईम पास” तो मत कहें.
जगदलपुर की जानकारी हम सबसे बांटनें के लिये आपका आभार.
जगदलपुर तो सच मे स्वर्ग है,खासकर बरसात मे तो जैसे मदहोश कर देती है इसकी जादूई खूबसूरती।
संजीव तिवारी जी, आपके सुझाव पर अम्ल करते हुए, मैंने “फ़ुरसत से” कैटेगरी को “इन दिनों” में परिवर्तित कर दिया है।
bahut badhiya likha hai cg4bhadas ke liye kuch rahe too mail avshya kijiye
bahot khoob. mere bhai.
bahot achchha laga apka article jagdalpur
ke baare me padhkar. ab jab bhi jagdalpur aaye
to jaroor milen.